दूर से वह सूरज की एक किरण दिखाई पड़ती है,
दिन में भी आँखों से ही दिखाई पड़ती है,
सब सोचते थे कैसे यह कौन इन्सान है,
जिसे रोशनी में भी अजीब सी धुन सुनाई पड़ती है।
दिन में भी आँखों से ही दिखाई पड़ती है,
सब सोचते थे कैसे यह कौन इन्सान है,
जिसे रोशनी में भी अजीब सी धुन सुनाई पड़ती है।
No comments:
Post a Comment